
जनादेश के सम्मान की नही, राजनैतिक दलों के वर्चस्व की कहानी।
दो पाली में हुआ नगर पंचायत के नव निर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदो का शपथ ग्रहण समारोह।
कांग्रेस एवं भाजपा में बंट गई नगर पंचायत।

कुनकुरी। राजनैतिक दलों ने जनादेश के सम्मान को दरकिनार करते हुए अपने वर्चस्व कायम की लड़ाई के साथ सोमवार को नगर पंचायत कुनकुरी में नव निर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदो का दो पाली में शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न हुआ। नगर पंचायत कार्यालय में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भी कांग्रेस और भाजपा के बीच यह अजूबा नजारा देखने को मिला। यंहा दोनों ही पाली में एसडीएम नंद जी पांडे ने शपथ ग्रहण कराया। शपथ ग्रहण करने के बाद कांग्रेस ने नगर पंचायत के सामने कबीर पंथी समाज के मैदान में आम सभा का आयोजन किया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। उनके साथ राजनितिक सलाहकार विनोद वर्मा, पत्थलगांव के पूर्व विधायक राम पुकार सिंह, कुनकुरी के पूर्व विधायक यु डी मिंज, जशपुर के पूर्व विधायक विनय भगत शामिल रहे।

दो पाली में शपथ ग्रहण
पहली पाली में भारतीय जनता पार्टी से विजयी 8 पार्षदों ने शपथ ली, और सभागार भगवा रंग में रंग गया। कुछ ही देर बाद, जैसे ही दूसरी पाली आई, माहौल बदल गया—कांग्रेस के विजयी अध्यक्ष और 7 पार्षदों ने शपथ लेकर माहौल में “हाथ” जोड़ दिया!
सभा बाधित करने का आरोप –
सभा को सम्बोधित करते हुए नगर पंचायत के नव निर्वाचित अध्यक्ष विनयशील गुप्ता ने आरोप लगाया की। उन पर बंद कमरे में कार्यक्रम करने का दबाव डाला गया था। उन्होंने कहा कि कुनकुरी नगर पंचायत अब चौकी से नहीं, नगर पंचायत कार्यालय से चलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान जो भी समस्या सामने आई है उसे सुलझाने के लिए झुकने और अड़ने के लिए तैयार हैँ।

भूपेश बघेल का विष्णुदेव पर हमला।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर निशाना साधा। उन्होंने भारत माला परियोजना के लिए अधिगरहित की गईं जमीन के मुआवजा वितरण में भर्ष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की। बघेल ने जशपुर और बस्तर में धान खरीदी में गडबड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी मात्रा में धान खरीदी सिर्फ कागजो में ही किया गया है। पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री होने के बाद भी विष्णुदेव साय की उनके सरकार में नहीं चल रही है। यहीं कारण है कि कुनकुरी में 220 बिस्तर के अस्पताल निर्माण, जिसका प्रस्ताव बीते वर्ष के बजट में रखा गया था। लेकिन दूसरा बजट आने के बाद भी अस्पताल निर्माण की शुरुआत नहीं हो सकी है।










