*पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका की संयुक्त बैठक*
*नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन व दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर जोर*

जशपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शनिवार को माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश जनार्दन खरे तथा डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह की उपस्थिति में पुलिस, अभियोजन एवं शासकीय अधिवक्ताओं की संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, अभियोजन की गुणवत्ता में सुधार तथा न्यायालयों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश जनार्दन खरे ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, प्रभावी अभियोजन और न्यायालय में मजबूत पैरवी से ही दोषसिद्धि दर में वृद्धि संभव है। उन्होंने सभी अधिकारियों से विधिक प्रावधानों का गंभीरता से पालन करते हुए पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने अधिकारियों को बीएनएसएस-2023 के तहत सत्र, वारंट, समन एवं संक्षिप्त ट्रायल की प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विवेचना में तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के अधिकतम उपयोग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया पर विशेष बल दिया।
बैठक में लंबित प्रकरणों की समीक्षा, दोषमुक्ति मामलों की नियमित मॉनिटरिंग, एफएसएल एवं डीएनए रिपोर्ट समय पर प्राप्त करने, जप्ती कार्रवाई की वीडियोग्राफी, ट्रायल इन एब्सेंटिया सहित विभिन्न विधिक प्रावधानों के प्रभावी पालन के निर्देश दिए गए। साथ ही अभियोजन एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, डीएसपी, अभियोजन अधिकारी, शासकीय अधिवक्ता, थाना प्रभारी एवं जिले के विवेचक उपस्थित रहे।









