*कोन्डरा के हिंदू सम्मेलन में गूंजा स्वाभिमान का स्वर, धर्मांतरण के खिलाफ विजय आदित्य सिंह जूदेव का बड़ा संदेश*
*युवाओं से सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का आह्वान, बोले—सनातन पहचान की रक्षा के लिए संगठित होना जरूरी*



जशपुरनगर :- छत्तीसगढ़-झारखंड सीमावर्ती क्षेत्र कोन्डरा में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में उस समय उत्साह का माहौल बन गया, जब जशपुर राजपरिवार के विजय आदित्य सिंह जूदेव ने मंच संभाला। सकल हिंदू समाज एवं कोब्जा मंडल द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।
अपने संबोधन में जूदेव ने धर्मांतरण के मुद्दे पर तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि भोले-भाले ग्रामीणों को लालच और धोखे में रखकर कराया जा रहा धर्म परिवर्तन समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपरा ही हमारी वास्तविक पहचान है, जिसकी रक्षा के लिए समाज को एकजुट होना होगा।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने, परंपराओं को समझने और अपने धर्म पर गर्व करने का संदेश दिया। साथ ही छत्तीसगढ़ के धर्म स्वतंत्रता कानून का उल्लेख करते हुए बताया कि जबरन या प्रलोभन देकर किया गया धर्मांतरण कानूनन अपराध है और इसके प्रति जागरूक रहना आवश्यक है।
कार्यक्रम में रामरेखा धाम के स्वामी अखंड दास जी महाराज एवं स्वामी प्रकाश प्रपन्नाचार्य जी महाराज का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ। हिंदू जागरण मंच के डॉ. सुमन कुमार और वीरूगढ़ के राजा दुर्ग विजय सिंह देव सहित कई प्रमुख लोग मंच पर उपस्थित रहे।
सम्मेलन के अंत तक उपस्थित जनसमूह ने सनातन धर्म की रक्षा और सामाजिक एकता के संकल्प के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता और सामाजिक एकजुटता का महत्वपूर्ण संदेश देकर गया।










