आवारा कुत्तों का कहर : चार माह में 2845 लोग बने शिकार, लोग डरे हुए, स्थानीय प्रशासन मौन*

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*आवारा कुत्तों का कहर : चार माह में 2845 लोग बने शिकार, लोग डरे हुए, स्थानीय प्रशासन मौन*

शहर से लेकर गांव तक आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़कों, स्कूल-कॉलेजों और मोहल्लों में झुंड के रूप में घूमते ये कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले चार माह में जिलेभर में 2845 लोग डॉग बाइट के शिकार हुए हैं।

सबसे अधिक मामले लोदाम ब्लॉक में 1393, पत्थलगांव में 442, फरसाबहार में 241, कुनकुरी में 215, कांसाबेल में 111, दुलदुला में 104 और मनोरा में 90 दर्ज किए गए हैं।

*इलाज में लापरवाही खतरनाक*

जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.के. जात्रा ने बताया कि डॉग बाइट पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाना जरूरी है। देरी होने पर वायरस शरीर में फैल सकता है और जान बचाना मुश्किल हो जाता है। सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में यह इंजेक्शन निशुल्क उपलब्ध है।

*स्थानीय सरकार के पास नहीं है कार्ययोजना*

आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ने के बावजूद ग्राम एवं नगर सरकार के पास बंध्याकरण, शेल्टर हाउस या कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई संसाधन नहीं है।

‘‘आवारा कुत्तों की समस्या से निबटने के लिए नगर सरकार के पास फिलहाल कोई संसाधन उपलब्ध नहीं है।’’
योगेश्वर उपाध्याय, सीएमओ,जशपुर।

Pathik Jan News
Author: Pathik Jan News

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