महा शिवपुराण कथा दुख को सहन करने की देती है शक्ति, देव हो या मानव जिसने भी इस लोक में जन्म लिया उन्हें सुख के साथ दुख भी झेलना पड़ेगाः पंडित श्री प्रदीप मिश्रा, विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं ने सुनी शिव महापुराण कथा

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देव हो या मानव जिसने भी इस लोक में जन्म लिया उन्हें सुख के साथ दुख भी झेलना पड़ेगाः पंडित श्री प्रदीप मिश्रा

महा शिवपुराण कथा दुख को सहन करने की देती है शक्ति

विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं ने सुनी शिव महापुराण कथा

कुनकुरी। शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन कथावाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने मानव जीवन में होने वाले सुख और दुख के क्षण में महाशिव पुराण किस तरह से शक्ति प्रदान करती है उसके महत्व को उजागर किया।
मयाली में मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा में कथावाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि जिसका भी जन्म मृत्युलोक में होता है उन्हें सुख के साथ दुख भी भोगना पड़ता है। भगवान राम हो या कृष्ण जिन्होंने जगत कल्याण के लिए इस लोक में जन्म लिया उन्हें भी कष्ट भोगना पड़ा। जिस तरह से छाता बारिश से बचाव करती है। उसी तरह शिव महापुराण बल देती है कष्ट को सहने की। उन्होंने कहा कि जिन्हें ज्यादा अपमानित किया जाता है, अवहेलना किया जाता है वहीं व्यक्ति आगे चलकर संसार में नाम कमाता है।

भारत की भूमि आज भगवा रंग में रंग गया है तो यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ही देन है। दया ही सबसे बड़ा धर्म है। जगत कल्याण के लिए जिन्होंने कष्ट सहा, फिर भी धर्म से नहीं भटके सही मायने में वह दिव्य पुरुष है। समुद्र मंथन में निकले विष को भगवान शिव ने ग्रहण कर समस्त लोक की रक्षा की है। पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सभी देवी देवता रूप बदलते हैं। भगवान शिव को रूप बदलने को जरूरत नहीं पड़ती है। उनका एक ही रूप है। जिस तरह से भक्तगणों को मंदिर जाने की लालसा रहती है। उसी तरह भगवान शिव को भी भक्तों की श्रद्धा की ललक रहती है। सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियम्वदा सिंह जूदेव, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय और उनके परिवार के अन्य सदस्यों सहित बड़ी संख्या में भक्तगणों ने कथा स्थल आकर शिव महापुराण कथा का श्रवण किया।

पहाड़ी कोरवाओं ने कथा स्थल आकर शिव महापुराण कथा सुनी

आज शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन बोरोकोना, तहसील मनोरा से आए पहाड़ी कोरवाओं ने भी भक्ति रस की बह रही धारा में दिव्य स्नान किया। दिनेश राम, राजनाथ राम, रंजीत राम ने बताया कि आज भगवान शिव की कथा सुन कर उनके मन को आत्मिक खुशी मिली। उन्होंने कहा कि पंडित श्री प्रदीप मिश्रा के प्रवचनों में जिस प्रकार से शिव भक्ति के साथ ही जीवन जीने का संदेश दे रहे है। उसका पालन करने से जीवन सफल हो जाएगा।

Pathik Jan News
Author: Pathik Jan News

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