सोना खदान निरस्ती आदेश पर नही है ग्रामीणों को विश्वास। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री ………

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सोना खदान निरस्ती आदेश पर नही है ग्रामीणों को विश्वास।
तहसीलदार के समझाने पर नही निकाली रैली।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जब तक उन्हें नही बताएंगे, तब तक ग्रामीण नही होंगे संतुष्ट।
सोनाखान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा हम क्षेत्र में होने वाली हर गतिविधियों पर रख रहे नजर।

फरसाबहार। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड में सोना खदान सर्वे विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन के सर्वे निविदा छतीसगढ़ सरकार के संचालनालय भौमिकी खनीकर्म द्वारा निरस्त करने के बाद भी तीन गाँव भगोरा, मेंढरबहार, बनगाँव के ग्रामीणों ने सोना खदान न खुलने को लेकर जनसभा का आयोजन किया। फरसाबहार स्टेडियम मे सैकड़ो की संख्या मे ग्रामीणों ने रैली की तैयारी कर रखी थी किन्तु तहसीलदार तोष कुमार सिंह के सर्वे निरस्ती शासन के आदेश को पढ़ के सुनाते हुए सोना खान संघर्ष समिति के लोगों को समझाइस दिया जिस पर संघर्ष समिति द्वारा रैली नहीं करने का निर्णय लिया गया।
सोना खान संघर्ष समिति के लोगों का मानना है कि यह आदेश जो मंगलवार को छत्तीसगढ शासन ने जारी किया वो सिर्फ और सिर्फ छत्तीसगढ सरकार लोगों को गुमराह मे डालने का काम कर रही है जिस पर संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ज़ब तक उनके सामने खडे होकर जवाब नहीं देंगे तब तक वे लोग अड़े रहेंगे।
जानकारी अनुसार सैंकड़ो ग्रामीणों ने सोना खदान के विरोध में पूर्व मे रैली निकाल प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा है । इनका साफ कहना है कि वे फरसाबहार क्षेत्र में लगने वाले सोना खदान का हर हाल में विरोध करते रहेंगे क्योंकि उन्हें सोना से ज्यादा अनाज प्रिय है। हम इन्हें नहीं छोड़ सकते । रैली में फरसाबहार क्षेत्र से भी ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में खदान का विरोध किया । रैली की अगुवाई कर रहे सोनाखान संघर्ष समिति के पदाधिकारीयों ने लोगो को सम्बोधित करते हुए कहा कि पंचायत से लेकर प्रशासन तक को कुछ पता नहीं है क्यों की न लोकसभा न विधानसभा सबसे बड़ा है ग्राम सभा कहते हुए विरोध जताया ग्रामसभा के सारे नियम और कायदों को ताख पर रख कर खदान की अनुमति दी गई जिसको लेकर संघर्ष समिति के लोग काफी नाराज नजर आये प्रशासन के इस तर्क से रैली में शामिल होने आए आंदोलनकारी इनका कहना है कि प्रशासन ऐसा आदेश जारी कर बोलकर हमे गुमराह कर रही है । हकीकत यह है कि खदान खोलने की पूरी तैयारी हो चुकी है और ये सर्वे निरस्ती का आदेश जारी कर मामला को शांत किया जा रहा है संघर्ष समिति का मानना है कि छत्तीसगढ़ शासन सोना खान खोलने के मूड मे है ज़ब तक पूर्ण रूप से आदेश निरस्त नहीं होता है हम डटे रहेंगे छतीसगढ़ सरकार के संचालनालय भौमिकी खनीकर्म द्वारा जारी आदेश को लेकर संघर्ष समिति के सदस्य एवं पदाधिकारीयों ने कहा कि यह सिर्फ शासन आम जनता को गुमराह मे रख कर, गोल्ड ब्लॉक डालने की तैयारी मे है। मंगलवार को आधी रात में गांव मे ड्रोन चला कर सर्वे किया गया है जिसपर प्रसाशन ने निविदा निरस्त करने की बात संघर्ष समिति को बताई जिस पर समिति ने रैली नहीं करने का फैसला का लिया है।
इस अवसर पर अरुण खलखो अध्यक्ष सोनाखान संघर्ष समिति, अजय भगत उपाध्यक्ष सोनाखान संघर्ष समिति, श्रीमती पायल भगत अध्यक्ष महिला सोनाखान संघर्ष समिति, संजय निकुंज, बीडीसी राजकुमारी भगत, सुखनाथ भगत सहित फरसाबहार क्षेत्र के ग्रामीण हजारों की संख्या में उपस्थित रहे।
प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन मुस्तैद।
सोना खदान का विरोध कर रहे ग्रामीणों की रैली एवं जनसभा स्थल पर प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन मुस्तैदी से तैनात है। रैली एवं जनसभा के समाप्त होते तक तहसीलदार तोष कुमार सिंह, नायब तहसीलदार सुशील सेन, डीएसपी, एसडीओपी, फरसाबहार थाना प्रभारी विवेक भगत सहित अन्य कई अधिकारी उपस्थित रहे।
Pathik Jan News
Author: Pathik Jan News

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