*आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान दिलाने का प्रयास है जनजातिय गौरव दिवस: गोमती साय*
*जनजातिय गौरव दिवस को लेकर भाजपा ने की प्रेस कांफ्रेंस*

जशपुरनगर :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के उन वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मान और पहचान दिलाना चाहते हैं, जिन्हें अब तक इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन की शुरुआत की है।
गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्थलगांव की विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार की प्राथमिकता सूची में आदिवासी समाज सर्वोच्च स्थान पर है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर देशभर में उनके स्वतंत्रता संग्राम और समाज सुधार में योगदान को याद किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस अवसर पर स्वतंत्र जनजाति मंत्रालय और जनजाति आयोग का गठन किया है।
गोमती साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वनोपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है और स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत 1 लाख से 10 करोड़ रुपये तक की सहायता राशि उद्यमिता विकास के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। जनजातीय समाज में व्याप्त सिकल सेल बीमारी के उन्मूलन के लिए भी केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक व्यवस्था में जनजातीय समाज की गौरवशाली प्रतिनिधि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सर्वोच्च पद पर आसीन कर जनजातीय अस्मिता को सम्मान मिला है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाई गई है, जिससे नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और इन इलाकों में अब बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है।
जशपुर की विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि केंद्र सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया है। इसके साथ ही आदिवासी समाज के वीर सेनानी जतरा टाना भगत, फुलो-झानो और रानी दुर्गावती जैसी अमर विभूतियों को भी सम्मानित करने का कार्य सरकार कर रही है।
उन्होंने कहा कि रोहतासगढ़ आंदोलन से लेकर लटका आंदोलन तक, जनजातीय समाज का स्वतंत्रता संग्राम वीरता की अमर गाथाओं से भरा है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय गौरव दिवस के माध्यम से भगवान बिरसा मुंडा सहित सभी आदिवासी वीरों के योगदान को नमन कर रही हैं।










