श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा : पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का चतुर्थ दिवस एवं कथा का हुआ भव्य समापन*

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*श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा : पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का चतुर्थ दिवस एवं कथा का हुआ भव्य समापन*

*भगवान श्रीकृष्ण–रुक्मिणी विवाह प्रसंग ने भक्तों को किया भाव-विभोर*

*मौसी बाड़ी में बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित, श्री जगन्नाथ मंदिर में निभाई गई हेरा पंचमी की परंपरा*

दोकड़ा। श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा में आयोजित पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का चतुर्थ दिवस भक्ति, श्रद्धा एवं उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इसी के साथ कथा का विधिवत समापन हुआ। कथा वाचक एवं छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कीर्तन गायक श्री कामता प्रसाद शरण जी ने भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं संगीतमय वर्णन किया। कथा के दौरान विवाह की सभी पारंपरिक रस्मों का जीवंत चित्रण किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, प्रेम और समर्पण की विजय का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि रुक्मिणी जी की अटूट भक्ति एवं विश्वास ने उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का सान्निध्य प्रदान किया। यह प्रसंग प्रत्येक भक्त को ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का संदेश देता है।कथा के समापन अवसर पर संगीतमय भजन-कीर्तन, मंगल गीत एवं महाआरती का आयोजन हुआ। पूरा कथा पंडाल “जय श्रीकृष्ण”, “जय रुक्मिणी माता” एवं “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भगवान से सुख, समृद्धि एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना की।

*मौसी बाड़ी में हुआ चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन*

इसी अवसर पर मौसी बाड़ी परिसर में बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में बाल प्रतिभाओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, श्रीकृष्ण, रथयात्रा एवं धार्मिक विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।सीएम साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने सभी प्रतिभागी बच्चों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

*श्री जगन्नाथ मंदिर में निभाई गई हेरा पंचमी की परम्परा*

श्री जगन्नाथ मंदिर में हेरा पंचमी की परंपरा भी श्रद्धापूर्वक निभाई गई। परंपरा के अनुसार माता महालक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना कर भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति अपनी भावनाएं प्रकट की गईं।इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर परंपरा का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया।
श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा के अंतर्गत आयोजित यह पांच दिवसीय कथा श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा के गजपति महाराज एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के विशेष सानिध्य में संपन्न हुई। प्रतिदिन आयोजित कथा, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों में दूर-दूर से हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।मंदिर समिति ने बताया कि रथयात्रा महोत्सव के आगामी धार्मिक कार्यक्रम भी पूरे श्रद्धा एवं उल्लास के साथ आयोजित किए जाएंगे तथा सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया है।

Pathik Jan News
Author: Pathik Jan News

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