बिजली विभाग के बाह्यस्त्रोत मेंटेनेंस कर्मचारी पहुंचे मुख्यमंत्री कैम्प बगिया* *लगाई गुहार, कहा कि समय पर वेतन दें और बढ़ाए वेतन की राशि*

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*बिजली विभाग के बाह्यस्त्रोत मेंटेनेंस कर्मचारी पहुंचे मुख्यमंत्री कैम्प बगिया*
*लगाई गुहार, कहा कि समय पर वेतन दें और बढ़ाए वेतन की राशि*

फरसाबहार। बिजली विभाग में बाह्यस्त्रोत से मेंटेनेंस कार्य से जुड़े कुनकुरी विद्युत संभाग के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री के गृह ग्राम बगिया पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कुनकुरी संभाग के बाह्यस्त्रोत से मेंटेनेंस कार्य में लगे कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें मार्च और अप्रैल माह का मासिक वेतन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।कर्मचारियों ने बताया कि वे विभाग में एलटी, 11 केवी तथा 33 केवी विद्युत लाइनों के रखरखाव का कार्य करते हैं। इसके अलावा बिजली खंभों पर चढ़कर मरम्मत, लाइन सर्वे, उपभोक्ताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना तथा कार्यालय से संबंधित कई जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। रोजाना जान जोखिम में डालकर कार्य करने के बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि बिजली के खंभों पर चढ़कर कार्य करने के दौरान आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई बार कर्मचारियों को विषम परिस्थितियों में भी काम करना पड़ता है, लेकिन इसके अनुरूप उन्हें वेतन और सुविधाएं नहीं मिलतीं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मिलने वाले मासिक वेतन से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है, जिसके कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे संविदा कर्मचारियों की तुलना में अधिक कार्य लिया जाता है, जबकि वेतन में काफी अंतर है। उन्होंने मांग की कि उनके वेतन में वृद्धि की जाए तथा संविदा कर्मचारियों के अनुरूप उचित पारिश्रमिक दिया जाए। साथ ही प्रत्येक माह की 10 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
कर्मचारियों ने बताया कि पूरे कुनकुरी संभाग की बिजली व्यवस्था काफी हद तक बाह्यस्त्रोत कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रही है। आंधी-तूफान, बारिश या अन्य कारणों से बिजली के पोल और तार क्षतिग्रस्त होने पर इन्हीं कर्मचारियों को दिन-रात मरम्मत कार्य में लगाया जाता है। रात में बिजली गुल होने पर भी फॉल्ट तलाशकर विद्युत आपूर्ति बहाल करने की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर रहती है।शनिवार को बड़ी संख्या में बाह्यस्त्रोत कर्मचारी बगिया पहुंच गए, जिसके चलते क्षेत्र की बिजली व्यवस्था भी प्रभावित होती नजर आई। सुबह करीब 9 बजे तेज बारिश, आंधी और बिजली चमकने के कारण कई गांवों में विद्युत तार टूट गए। ऐसे में मरम्मत और बिजली बहाली के लिए विभाग को कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ा।जानकारी के अनुसार कुनकुरी संभाग में कुल 13 विद्युत सबस्टेशन संचालित हैं, जहां लगभग 115 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं संविदा कर्मचारियों की संख्या करीब 40 बताई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि बिजली व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

Pathik Jan News
Author: Pathik Jan News

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