*सरपंच पति का पंचायत के कार्य मे हस्तक्षेप*
*सीएससी भवन निर्माण में धांधली, अधूरा भवन अभी से ही धंसने लगा*

जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंजारा में निर्माणाधीन केंद्र सीएससी भवन में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में वास्तविक सरपंच की बजाय सरपंच पति ही पूरे कामकाज पर हावी हैं, और उन्हीं के निर्देशन में भवन निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
मिली जानकारी अनुसार, शासकीय स्कूल कुंजारा के पास 05 लाख रुपये की लागत से सीएससी भवन निर्माण कार्य किया जा रहा है। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि भवन का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है और नींव पहले ही धंसना शुरू हो गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में अब तक जितने भी विकास कार्य हुए हैं, सभी में सरपंच पति की मनमानी और ठेकेदारों के साथ मिलीभगत का असर साफ दिखाई देता है।
स्थानीय नागरिक बजरंग गुप्ता ने बताया कि “पंचायत में सरपंच पति ही सारे निर्णय लेते हैं। पंचायत की बैठकों से लेकर कामों के ठेके तक उन्हीं की मर्जी चलती है। वास्तविक सरपंच का रोल नाममात्र का रह गया है।”
ग्रामीणों और उप सरपंच ने जनपद पंचायत कुनकुरी और जिला प्रशासन से इस पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं, इस मामले में पूछे जाने पर एसडीओ पैंकरा ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा – “मुझे इस विषय की जानकारी नहीं है, जाकर देखूंगा यदि किसी प्रकार की त्रुटि है तो उसे सुधार दिया जाएगा।”
हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई मामूली त्रुटि नहीं बल्कि भ्रष्टाचार और मनमानी का उदाहरण है। अधूरा भवन धंसने लगा है, जिससे यह स्पष्ट है कि सरपंच पति के इशारे पर चल रहे घटिया निर्माण कार्यों पर अब जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई जरूरी है।
सवाल यह है कि — पंचायत में ‘सरपंच पति राज’ कब तक चलता रहेगा और प्रशासन कब लेगा इस पर ठोस एक्शन, या फिर ये निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा यह एक बड़ा सवाल है?










