आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं द्वारा अपनी लंबित मांगों की पूर्ति हेतु प्रांतीय आह्वान पर किया गया एक दिवसीय ध्यानाकर्षण धरना-प्रदर्शन*

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*आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं द्वारा अपनी लंबित मांगों की पूर्ति हेतु प्रांतीय आह्वान पर किया गया एक दिवसीय ध्यानाकर्षण धरना-प्रदर्शन*

जशपुर। छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ के बैनर तले जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं द्वारा अपनी लंबित मांगों की पूर्ति हेतु प्रांतीय आह्वान पर एक दिवसीय ध्यानाकर्षण धरना-प्रदर्शन किया गया।
छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ की जिलाध्यक्ष राजेश्वरी एक्का, जिला सचिव मिसमा टोप्पो, जिला संरक्षक उत्तरा नायडू, जिला उपाध्यक्ष रूपनी भगत, जिला उपसचिव किरनशीला एक्का, जिला कोषाध्यक्ष असीत खाखा, फरसाबहार परियोजना अध्यक्ष गुलापी कंडरा, फरसाबहार परियोजना कोषाध्यक्ष आशावती भगत, तपकरा परियोजना अध्यक्ष कृष्णा सिंह, सचिव पुष्पा प्रधान, कोषाध्यक्ष चंद्रकला पैंकरा द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन अपर कलेक्टर प्रदीप साहू को सौंपा।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन समय-समय पर अपनी लंबित मांगों को छत्तीसगढ़ शासन के समक्ष प्रस्तुत करता रहा है, किन्तु वर्तमान में हमारी किसी भी मांग पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। जिससे क्षुब्ध होकर प्रदेश की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं ने दिनांक 20/07/2025 को संगठन के समस्त जिला अध्यक्षों की बैठक आहूत की तथा निर्णय लिया गया कि दिनांक 13/08/2025 को एक दिवसीय ध्यानाकर्षण धरना-प्रदर्शन किया जाना है। प्रदेश के आह्वान पर जिला जशपुर की समस्त कार्यकर्ता/सहायिकाएं द्वारा आज दिनांक 13/08/2025 को एक दिवसीय ध्यानाकर्षण धरना-प्रदर्शन किया गया। हमारी प्रमुख माँगें है। सरकारी कर्मचारी घोषित होने तक मध्य प्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 10% मानदेय दिया जाए। पर्यवेक्षक भर्ती निकाली की जाए, आयु सीमा समाप्त की जाए और 50% पदोन्नति दी जाए। सहायिकाओं की 100% पदोन्नति की जाए, आयु सीमा समाप्त की जाए।
साथ ही पोषण ट्रैकर ऐप में आने वाली समस्याओं जैसे पोषण ट्रैकर ऐप में बार-बार वर्जन बदलना। 5G मोबाइल न होने के कारण नए वर्जन को सपोर्ट नहीं कर रहा है। उच्च गुणवत्ता वाला 5G मोबाइल दिया जाए और नेट लागत बढ़ाई जाए। नए वर्जन के लिए उचित प्रशिक्षण न मिलना, लाभार्थियों का आधार कार्ड अपलोड न होना। कार्यकर्ता और सहायिका को उनकी सेवा पूरी होने पर 10 लाख रुपये दिए जाएँ। लाभार्थी ओटीपी बताने से इनकार कर देता है। कई लाभार्थियों के खातों से पैसे निकल जाते हैं। लाभार्थी के मोबाइल से आधार लिंक नहीं है। बार-बार चेहरा कैप्चर करने पर चेहरा बेमेल होने का विकल्प दिखाई देता है। लाभार्थी द्वारा पोषण आहार लेने में आना कानी करना।
अन्य माँगें भी है जैसे सम्मान सुविधा प्रणाली बंद की जाए। गंभीर बीमारी की स्थिति में कार्यकर्ता व सहायिका को मानदेय के साथ चिकित्सा अवकाश भी दिया जाए। प्रभार में दी गई कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को प्रोत्साहन राशि दी जाए। छत्तीसगढ़ महिला कोष की तरह कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को विभागीय ऋण उपलब्ध कराया जाए। ईंधन की राशि समय पर जमा कराई जाए। सभी केन्द्रों में एक सिलेंडर व एक चूल्हा उपलब्ध कराया जाए। सूचना के अधिकार के तहत 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाया जा रहा है, जिससे आंगनवाड़ी में बच्चों की संख्या कम हो रही है। आंगनवाड़ी में बच्चों की कमी न हो, इसके लिए ठोस निर्णय लिया जाए। सुपोषण चौपाल व मातृत्व वंदना की राशि प्रतिमाह दी जाए। आंगनवाड़ी में प्रशिक्षण दिया जाता है। सरकार कार्यकर्ताओं के लिए राशि उपलब्ध कराती है। यह राशि उन्हें दी जाए।

Pathik Jan News
Author: Pathik Jan News

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