मानवीय संवेदना* *मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से संभव हुआ अंतिम दर्शन* *मुंबई से गृह ग्राम हाथीबेड पहुंचा गोविंद चौहान का शव* *सीएम कैंप कार्यालय बगिया में परिजनों ने लगाई थी गुहार*

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*मानवीय संवेदना*

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से संभव हुआ अंतिम दर्शन*

*मुंबई से गृह ग्राम हाथीबेड पहुंचा गोविंद चौहान का शव*

*सीएम कैंप कार्यालय बगिया में परिजनों ने लगाई थी गुहार*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर मुंबई में ट्रेन से गिरने में हुए दुखद निधन के बाद मृतक गोविंद चौहान का शव गृह ग्राम हाथीबेड विकासखंड फरसाबहार पहुंचा। गौरतलब है कि के शोकाकुल परिजनों ने बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में पहुंचकर सहायता की गुहार लगाई। एक सामान्य ग्रामीण परिवार के लिए यह कार्य असंभव सा प्रतीत हो रहा था, लेकिन इस पीड़ा की पुकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तक पहुंची और वही क्षण था, जब संवेदनशील शासन ने मानवता का हाथ बढ़ाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने व्यक्तिगत रूप से मामले को संज्ञान में लिया और तुरंत शव को सुरक्षित रूप से लाने के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सोमवार की शाम गोविंद चौहान का शव झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचा और सोमवार की रात मुक्तांजली शव वाहन के माध्यम से शव को उसके गृह ग्राम हाथीबेड लाया गया, जहाँ परिवार और ग्रामवासी भारी मन से अंतिम दर्शन कर पाए।इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए शव लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करवाई। शासन की पहल से न सिर्फ शव वाहन की व्यवस्था की गई, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी पूरी सहायता प्रदान की गई।परिवारजनों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री साय की इस संवेदनशीलता और तत्परता के लिए गहरा आभार जताया है। मुख्यमंत्री की यह पहल एक बार फिर यह सिद्ध करती है कि उनकी सरकार आमजन के दुःख-दर्द में हर वक्त सहभागी है।

Pathik Jan News
Author: Pathik Jan News

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