*विकसित भारत के संकल्प के साथ निकली सेवा ज्योति यात्रा*
*रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा, मंत्री राजेश अग्रवाल की अगुवाई में बड़ी संख्या में नागरिक हुए शामिल*

जशपुरनगर :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के साथ जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
सभा के बाद पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल की अगुवाई में रणजीता स्टेडियम से सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। यात्रा जयस्तंभ चौक होते हुए संगम चौक पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। यात्रा के दौरान राष्ट्रसेवा, विकसित भारत और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता से शहर में उत्साहपूर्ण माहौल रहा।
यात्रा में विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्ण कुमार राय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, स्वयंसेवक और नागरिक शामिल हुए।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा और राष्ट्रसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूरे होना देश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश को नई दिशा देने का कार्य किया है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास आवश्यक है।
*प्रधानमंत्री के संबोधन का हुआ वर्चुअल प्रसारण*
रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण भी किया गया। पर्यटन मंत्री सहित जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों और उपस्थित नागरिकों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ शुरू हुई उनकी जनसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। उन्होंने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति नमन करते हुए कहा कि 25 वर्षों में अर्जित जनविश्वास और अनुभव उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मां भारती की निस्वार्थ सेवा ही उनका धर्म और कर्तव्य है। जीवन की प्रत्येक घटना ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया है, जबकि संकटों ने धैर्य और संकल्प को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि साधन और संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सपने और हौसले हमेशा बड़े होने चाहिए।
*युवा शक्ति और सामूहिक प्रयास से बनेगा विकसित भारत*
प्रधानमंत्री ने कर्म को कर्तव्य और साधना बताते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के प्रयास लगातार जारी रहने चाहिए। उन्होंने देश के विकास में स्वयंसेवकों और युवा शक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जोश, जज्बा और सामूहिक संकल्प जरूरी है।
उन्होंने आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की बढ़ती ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय प्रतिभा, सामर्थ्य और क्षमता की चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति और इच्छाशक्ति के बल पर वर्ष 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को अवश्य हासिल करेगा।
उन्होंने देशवासियों से राष्ट्रसेवा के संकल्प को और मजबूत करने तथा अपनी पूरी ऊर्जा, क्षमता और सामर्थ्य के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। सेवा ज्योति यात्रा में शामिल स्वयंसेवकों और नागरिकों के प्रति उन्होंने आभार भी व्यक्त किया।










