मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना*

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को सपत्नीक श्रीमती कौशल्या साय के साथ विश्वप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा मंदिर की परिक्रमा कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पंच दिवसीय महा चतुर शुद्धि सहस्र कलशम् महाअनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर प्रदेश की उन्नति, सामाजिक सद्भाव और लोकमंगल की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भोरमदेव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का गौरवशाली प्रतीक है। ऐसे महाअनुष्ठान हमारी प्राचीन वैदिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और लोककल्याण की भावना को भी सशक्त बनाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आगामी 30 जुलाई से भगवान शिव की आराधना का पावन श्रावण मास प्रारंभ होने जा रहा है। पिछले दो वर्षों से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के साथ भोरमदेव धाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक भी है।
इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के अभिनंदन के लिए वे स्वयं भोरमदेव धाम पहुंचकर पुष्पवर्षा करेंगे।

उल्लेखनीय है कि श्री महादिव्य देशम फाउंडेशन के तत्वावधान में 25 जुलाई से प्रारंभ यह पंच दिवसीय महाअनुष्ठान कबीरधाम सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ के सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक कल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है। फाउंडेशन के प्रमुख राजीव राकुल स्वामी (केरल) के अनुसार यह अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठित मंदिरों के शुद्धिकरण एवं दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार की प्राचीन वैदिक परंपरा पर आधारित है, जिसे भगवान परशुराम स्रोतम तथा आगम शास्त्रों में वर्णित विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक पंडरिया श्रीमती भावना बोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वैदिक आचार्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

Pathik Jan News
Author: Pathik Jan News

Advertisement Carousel

और पढ़ें