*विश्व संस्कृत दिवस समारोह*
*एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय फरसाबहार में हर्षोल्लास के साथ आयोजन*

फरसाबहार। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS), फरसाबहार में विश्व संस्कृत दिवस समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने संस्कृत श्लोक, संस्कृत गीत एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संस्कृत निबंध लेखन, संस्कृत गीत, सुभाषित कंठपाठ सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रशस्ति प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य राम कुमार चौहान ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी आत्मानंद विद्यालय के संस्कृत शिक्षक लाल देव भगत तथा सम्मानित अतिथि के रूप में स्वामी आत्मानंद विद्यालय की संस्कृत शिक्षिका श्रीमती प्रीति शर्मा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के संयोजक के रूप में EMRS फरसाबहार के संस्कृत शिक्षक मानस रंजन दास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर विद्यालय के हिंदी शिक्षक सुधांशु सिंह, अंग्रेजी शिक्षक श्री ए. अभिषेक, अंग्रेजी शिक्षक विनोद कुमार लकड़ा, विज्ञान शिक्षिका श्रीमती अन्नूरानी, पुस्तकालय शिक्षिका श्रीमती अनुराधा, संगीत शिक्षिका श्रीमती अरज़ू सिन्हा, काउंसलर श्रीमती पूर्णिमा चौहान तथा स्टाफ नर्स श्रीमती अंबिका चौधरी सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं सम्मानित अतिथि ने संस्कृत भाषा की महत्ता, प्राचीनता, समृद्ध साहित्यिक परंपरा तथा भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान-विज्ञान में उसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के अध्ययन एवं संरक्षण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि संस्कृत भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण आधारभूत भाषा है।
समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत संस्कृत श्लोक, गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ कार्यक्रम में भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि, सम्मान एवं गौरव की भावना विकसित करना तथा भारतीय संस्कृति और संस्कारों से उन्हें जोड़ना रहा।










